Monday, 27 February 2017

For my Beloved Wife... (Poetry)

This is for my wife... whatever you do in life you have to include your wife...:)
if you are sharing your thoughts then you have to share your thoughts on your wife also.... 

This is for you Sweta...

तू जो है पास मेरे  
शुक्र गुज़ार हूँ मैं ज़िंदगी का 
तू जो है साथ मेरे  
पाया ख़ज़ाना मैने खुशियों का 

हर साँस में है तू बसी.. 
हर ख्वाब में है तेरी हसी.. 
हर दर्द की तू है दवा 
हर फरियाद में तेरी दुआ 

वक़्त हो चला है हम पे मेहेरबान ऐसे.. 
छू लिया हो हमने चाँद को जैसे.. 
खिल गयी है ज़िंदगी तेरी चाँदनी से.. 
हो रही है आफताब तेरी रोशनी से... 

एहसान हैं मुझ पर तेरा जो तू है मेरी... 
एक पल भी ना चाहूं जुदाई तेरी... 
मंज़ूर है हूमें हर सज़ा.. 
बस निकले वो ज़ुबान से तेरी... 

शुरू हो दिन तेरे दीदार से... 
शामें हो मदहोश तेरे प्यार से.. 
कल की मुझे ना कोई फ़िक्र.. 
पूरे हुए मेरे अरमान तुझे पाकर.. 

न जाना कभी तू दूर मुझसे...
इन लम्हों को कर लेना याद....
चाहे  जितने हो गिले शिकवे....
बस एक बार लगा लेना गले....
हो जायेंगे दूर सभी फासले...

जब उम्र देने लगे दस्तक.. 
जब सन्नाटा छाने लगे गहरा .. 
बस थाम लेंगे एक दूजे को हम.. 
वो दौर भी हो जाएगा सुनहरा...

Deepak Ray

2 comments:

  1. U have written thise so beautifully..awesome lines...👌👍 😘😘

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