Some random thoughts on excessive misuse of internet in our lives. Somewhere down the line we forgot what were our dreams, have we achieved it or not? We are just happy in our life as it is going... but does it really have to be that way....
ज़िन्दगी है एक लंबी कहानी
आज है गहरा सन्नाटा। ..
तो कल कही बारिश तूफानी..
हर पल देता एक नई दस्तक। .
कल को भूल और बढे जा तब तक...
जब तक तू पा ना जाता मंज़िल अपनी...
कर संकल्प तू खुद से....
देखें तेरी हौंसलों में है उड़ान कितनी...
बहाने से न दे तू खुद को तसल्ली....
आइना देख और खुद से तू कर सवाल...
देखे थे तूने जो सपने कई...
हकीकत में वो पुरे हुए या नहीं....
सोशल मीडिया हैं ऐसे समाये...
कुछ और तो समझ में ही न आये.....
कुछ पल के मनोरंजन में कोई हर्ज़ नहीं....
एक ही तो है ज़िन्दगी तेरी....
हर ख्वाइश कर ले अपनी पूरी....
सेल्फी बनी जान से प्यारी....
लाइक्स डिस-लाइक्स बढ़ाई बेकरारी.....
ट्वीट्स ने बढ़ाई दिल की धड़कन...
व्हाट्सएप्प पे तो कुर्बान तन और मन...
डिप्रेशन की हो चुकी है एंट्री....
न जाने अब किसकी है बारी...
ये भी है एक अजीब नज़ारा....
इनविजिबल / म्यूट कर के खुद को मिस्टर इंडिया बना डाला...
खुद से हम छुपे जा रहे हैं...
सबसे जुड़कर भी सब से दूर हुए जा रहे हैं....
इन्टरनेट का है ये ज़माना...
अरे... अब तो और भी आसान है सब कुछ पाना...
जो तू चाहे वो एक क्लिक ही तो है दूर...
बस... ज़रा ढंग से इस्तेमाल तो कीजिये हुज़ूर....
दीपक रे
ज़िन्दगी है एक लंबी कहानी
आज है गहरा सन्नाटा। ..
तो कल कही बारिश तूफानी..
हर पल देता एक नई दस्तक। .
कल को भूल और बढे जा तब तक...
जब तक तू पा ना जाता मंज़िल अपनी...
कर संकल्प तू खुद से....
देखें तेरी हौंसलों में है उड़ान कितनी...
बहाने से न दे तू खुद को तसल्ली....
आइना देख और खुद से तू कर सवाल...
देखे थे तूने जो सपने कई...
हकीकत में वो पुरे हुए या नहीं....
सोशल मीडिया हैं ऐसे समाये...
कुछ और तो समझ में ही न आये.....
कुछ पल के मनोरंजन में कोई हर्ज़ नहीं....
एक ही तो है ज़िन्दगी तेरी....
हर ख्वाइश कर ले अपनी पूरी....
सेल्फी बनी जान से प्यारी....
लाइक्स डिस-लाइक्स बढ़ाई बेकरारी.....
ट्वीट्स ने बढ़ाई दिल की धड़कन...
व्हाट्सएप्प पे तो कुर्बान तन और मन...
डिप्रेशन की हो चुकी है एंट्री....
न जाने अब किसकी है बारी...
ये भी है एक अजीब नज़ारा....
इनविजिबल / म्यूट कर के खुद को मिस्टर इंडिया बना डाला...
खुद से हम छुपे जा रहे हैं...
सबसे जुड़कर भी सब से दूर हुए जा रहे हैं....
इन्टरनेट का है ये ज़माना...
अरे... अब तो और भी आसान है सब कुछ पाना...
जो तू चाहे वो एक क्लिक ही तो है दूर...
बस... ज़रा ढंग से इस्तेमाल तो कीजिये हुज़ूर....
दीपक रे
Captured the essence of social media in true sense👏🏼
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